बेगूसराय। 11 नवंबर 2025। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़।
राजकीय अयोध्या शिवकुमारी आयुर्वेद महाविद्यालय, बेगूसराय में मंगलवार को भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती “राष्ट्रीय शिक्षा दिवस” के रूप में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और मौलाना आजाद के चित्र पर पुष्प अर्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. श्रीनिवास त्रिपाठी ने उन्हें “भारत की आधुनिक शिक्षा प्रणाली का शिल्पकार” बताया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में आईआईटी, आईआईएम जैसी उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना मौलाना आजाद की दूरदर्शी सोच का परिणाम है।
डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि मौलाना आजाद ने हमेशा भारत-पाक विभाजन का विरोध किया और शिक्षा के माध्यम से राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। उन्होंने अपने जीवन में शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम बनाया।
महाविद्यालय के वरीय प्राध्यापक डॉ. जी.पी. शुक्ला ने मौलाना आजाद को आधुनिक भारत में शिक्षा के लिए समर्पित कर्मयोगी योद्धा बताया। डॉ. विजेंद्र कुमार ने कहा कि हमें उनके देखे गए सपनों को साकार करने का संकल्प लेना चाहिए। वहीं डॉ. रमन रंजन ने मौलाना आजाद के व्यक्तित्व और कृतित्व की सराहना की।
कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर डॉ. लाल कौशल कुमार ने कहा कि मौलाना आजाद ने स्वाध्याय के माध्यम से जो शिक्षा अर्जित की, वही आज भारत की आधुनिक शिक्षा प्रणाली की नींव है। डॉ. अनिल कुमार और डॉ. दिनेश कुमार ने भी मौलाना आजाद के आदर्शों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर डॉ. दिलीप कुमार वर्मा, डॉ. इंदु कुमारी, डॉ. किश्वर सुल्ताना, डॉ. उर्वशी सिन्हा और डॉ. आनंद मिश्रा सहित अन्य प्राध्यापकों ने मौलाना आजाद को आधुनिक भारत के शिक्षा निर्माता के रूप में नमन किया।कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सुरभि, मधु और अभिज्ञान निशा को पुरस्कृत किया गया।






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