जी.डी. कॉलेज बेगूसराय में दो माह चले जागरूकता अभियान का हुआ सफल समापन
बेगूसराय। 13 अक्टूबर 2025। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति, पटना के सहयोग से जी.डी. कॉलेज बेगूसराय के सेहत केंद्र एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में एच.आई.वी व एड्स जागरूकता एवं रक्तदान जागरूकता अभियान का समापन समारोह आयोजित किया गया। 10 अगस्त से चल रहे इस दो माह लंबे अभियान का उद्देश्य छात्रों और नागरिकों में एच.आई.वी संक्रमण से जुड़ी सही जानकारी, सामाजिक समरसता और सुरक्षित व्यवहार को बढ़ावा देना था।
क्विज प्रतियोगिता में विजेताओं को किया गया सम्मानित : समापन दिवस पर आयोजित क्विज प्रतियोगिता में शामिल स्वयंसेवकों को बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति की ओर से पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सेहत केंद्र की नोडल ऑफिसर एवं एनएसएस यूनिट-1 की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. सहर अफ़रोज़ और यूनिट-2 के कार्यक्रम पदाधिकारी दिनेश कुमार ने संयुक्त रूप से किया।
“एच.आई.वी भय नहीं, जागरूकता का विषय है” — डॉ. सहर अफ़रोज़ : डॉ. अफ़रोज़ ने अपने संबोधन में कहा कि एच.आई.वी व एड्स केवल चिकित्सा का नहीं, बल्कि मानवता का विषय है। उन्होंने बताया कि संक्रमण से ग्रसित व्यक्ति सामान्य संपर्क से बीमारी नहीं फैलाते और समाज को ऐसे लोगों के प्रति संवेदनशील रहना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि समय पर जांच और नियमित दवा लेने से एच.आई.वी संक्रमित व्यक्ति भी स्वस्थ जीवन जी सकता है।
“सामाजिक परिवर्तन की शुरुआत है यह अभियान” : दिनेश कुमार एनएसएस यूनिट-2 के कार्यक्रम पदाधिकारी दिनेश कुमार ने कहा कि यह अभियान सिर्फ एक दिन का नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में एक सतत प्रयास है। उन्होंने कहा, “जब हर नागरिक जागरूक होगा और हर युवा रक्तदान करेगा, तभी हम एक स्वस्थ और संवेदनशील भारत बना पाएंगे।”
युवाओं से सुरक्षित जीवनशैली अपनाने की अपील : सेहत केंद्र के पियर एडुकेटर सुमित कुमार ने युवाओं से अपील की कि वे सुरक्षित जीवनशैली अपनाएँ, असुरक्षित यौन संबंधों से बचें और नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहें। उन्होंने एच.आई.वी व एड्स से बचाव के तीन मूल सिद्धांत बताए: जागरूकता, सतर्कता और संवेदना।
रक्तदान है सामाजिक जिम्मेदारी : रक्तदान पर सत्र के दौरान सुमित कुमार ने कहा, “भय नहीं, जानकारी जरूरी है; भेदभाव नहीं, अपनापन जरूरी है।”उन्होंने बताया कि एक यूनिट रक्त किसी व्यक्ति की जिंदगी को नई शुरुआत दे सकता है और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना हम सबकी जिम्मेदारी है।
स्वयंसेवकों ने दिया जागरूकता का संदेश : स्वयंसेवक अजित कुमार, राजन गुप्ता, विक्रम राठौड़, सूरज, महिमा, प्रियांशु, प्रेम, प्रशांत, प्रिंस केशरी, गुलशन, रणधीर, और ऋतिका सहित अन्य स्वयंसेवकों ने अभियान में सक्रिय भागीदारी की।कार्यक्रम के अंत में सभी ने नारा लगाया “मैं जागरूक हूँ, मैं रक्तदान करूंगा — एच.आई.वी मुक्त समाज बनाऊंगा।”





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