बेगूसराय। 12 सितम्बर 2025
भूदान आंदोलन के मसीहा और 20वीं सदी के महान संत आचार्य विनोबा भावे की 130वीं जयंती शुक्रवार को रोटी बैंक सहयोग समिति द्वारा सदर अस्पताल परिसर में मनाई गई। इस अवसर पर समिति के संयोजक पवन कुमार की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, जेपी सेनानी संपूर्ण क्रांति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष व शिक्षक नेता अमरेंद्र कुमार सिंह ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विनोबा भावे 20वीं सदी के महान संत थे। महात्मा गांधी ने उन्हें पहला सत्याग्रही माना था। उनका जन्म 11 सितंबर 1895 को महाराष्ट्र के कोलाबा जिले की पेन तहसील के गोगेदा ग्राम में हुआ था।
अमरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि विनोबा भावे ने 1951 में भूदान आंदोलन की शुरुआत की थी। उनका उद्देश्य अहिंसात्मक तरीके से सामाजिक परिवर्तन लाना था। वे जमीनदारों से भूमि लेकर भूमिहीनों के बीच वितरण करते थे। जिला पुस्तकालय संघ के सचिव अरविंद सिंह ने कहा कि विनोबा भावे भारतीय जनमानस के प्राण थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन देश की सेवा और गरीबों के उत्थान में समर्पित कर दिया। समिति के अध्यक्ष पवन कुमार शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि विनोबा भावे यात्रा करके भू स्वामियों से अपनी भूमि का छठा हिस्सा दान करने की अपील करते थे ताकि भूमिहीन परिवारों को जीवनयापन का आधार मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान जेपी सेनानी संपूर्ण क्रांति मोर्चा के जिला अध्यक्ष राजेंद्र महतो, नगर फुटकर दुकानदार संघ के अध्यक्ष रघुवीर सिंह, मृदुल झा, नाथू साव, जुल्फिकार अली सहित कई लोगों ने विनोबा भावे के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।






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