बेगूसराय | 7 फ़रवरी 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
नई शिक्षा नीति 2020 को लागू करने के नाम पर केंद्र सरकार द्वारा लाया गया वीबीएसए बिल शिक्षा के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। यह आरोप ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (AISF) के राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा ने लगाया। वे जीडी कॉलेज गेट पर आयोजित प्रतिरोध सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह बिल विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और अधिकारों को कमजोर करेगा। साथ ही, यूजीसी और एआईसीटीई जैसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थानों को समाप्त कर शिक्षा के निजीकरण और बाजारीकरण को बढ़ावा देगा।
गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों पर पड़ेगा असर: अमीन हमजा ने आगे कहा कि इस बिल से कॉर्पोरेट घरानों और निजी विश्वविद्यालयों को बल मिलेगा, जबकि सरकारी और छोटे महाविद्यालय कमजोर होंगे। परिणामस्वरूप, गरीब और वंचित वर्ग के छात्र उच्च शिक्षा से दूर हो जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह शिक्षा विरोधी बिल वापस नहीं लिया, तो देशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन छेड़ा जाएगा।
बजट में शिक्षा की अनदेखी का आरोप: इसी क्रम में श्री सीताराम राय उच्च विद्यालय राजौड़ा एवं निंगा हाई स्कूल गेट पर आयोजित प्रतिरोध सभा में एआईएसएफ जिलाध्यक्ष अमरेश कुमार और अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी कैसर रेहान ने संयुक्त रूप से कहा कि केंद्र सरकार के बजट में शिक्षा को कोई प्राथमिकता नहीं दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि न तो बेगूसराय में विश्वविद्यालय की चर्चा की गई और न ही बिहार की शिक्षा व्यवस्था के लिए कोई विशेष पैकेज दिया गया। इसलिए यह बजट पूरी तरह शिक्षा विरोधी है।
नारों के साथ निकला छात्र मार्च: ज्ञात हो कि AISF के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर जीडी कॉलेज गेट पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हाथों में झंडा और बैनर लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इससे पहले छात्र पटेल चौक स्थित जिला कार्यालय से मार्च करते हुए जीडी कॉलेज पहुंचे, जहां यह सभा में तब्दील हो गई।
सभा की अध्यक्षता और उपस्थिति: सभा की अध्यक्षता AISF के राष्ट्रीय परिषद सदस्य कैसर रेहान ने की। कार्यक्रम में एआईवाईएफ के मधुकर सिंह, AISF नगर सचिव बिपिन कुमार, मोहम्मद आकिब, अंकित सिंह माया, गौरव कुमार, श्याम कुमार सहित कई छात्र नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।






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