पटना | 9 जनवरी 2026 | नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बिहार में शिक्षा व्यवस्था को सशक्त और आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वर्ष 2026 में राज्यभर में 572 मॉडल स्कूल विकसित किए जाएंगे। इसके तहत प्रत्येक जिले में एक तथा सभी 534 प्रखंडों में एक-एक विद्यालय को मॉडल स्कूल के रूप में तैयार किया जाएगा। शिक्षा विभाग को सभी जिलों से प्रस्तावित स्कूलों की सूची प्राप्त हो चुकी है और स्थलीय जांच के बाद इसी माह अंतिम चयन किया जाएगा।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 से संचालन का लक्ष्य: शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इन मॉडल स्कूलों का संचालन शुरू हो जाए। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि ये मॉडल स्कूल निजी विद्यालयों से भी बेहतर बनें और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का उदाहरण प्रस्तुत करें।
पर्याप्त शिक्षक और बेहतर संसाधन: मॉडल स्कूलों में छात्रों की संख्या के अनुसार कक्षा के सेक्शन तय होंगे और उसी अनुपात में शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। 👉 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (कक्षा 9-10) में न्यूनतम 8 शिक्षक 👉 उच्च माध्यमिक विद्यालय (कक्षा 9-12) में न्यूनतम 16 शिक्षक, अधिक नामांकन की स्थिति में शिक्षकों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।
एआई, खेल और आधुनिक शिक्षा पर विशेष जोर: मॉडल स्कूल ऐसे परिसरों में विकसित किए जाएंगे जहां पर्याप्त भूमि उपलब्ध हो। यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), खेलकूद और आधुनिक शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। जरूरत के अनुसार नए भवन और अतिरिक्त कक्षाओं का निर्माण भी किया जाएगा।
उत्कृष्ट शिक्षक और आधुनिक लाइब्रेरी: इन स्कूलों में विभिन्न विषयों के श्रेष्ठ शिक्षकों की तैनाती की जाएगी, जिन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। प्रत्येक मॉडल स्कूल में पुस्तकालय और पुस्तकाध्यक्ष होंगे, जहां प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों की समृद्ध व्यवस्था रहेगी।
प्रतियोगी परीक्षाओं की होगी विशेष तैयारी: मॉडल स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। समान स्तर के छात्रों का बैच बनाकर विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से मार्गदर्शन दिया जाएगा।
👉 कुल मिलाकर, बिहार के ये मॉडल स्कूल राज्य की शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता, समानता और प्रतिस्पर्धा का नया अध्याय लिखने की तैयारी में हैं।







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