केरल मॉडल पर शुरू होगी विशेष ट्रेनिंग योजना
पटना। 13 जनवरी 2026। नेशनल पॉजिटिव न्यूज़
बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने 6,000 महिलाओं को प्रोफेशनल ड्राइवर बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू करने का फैसला लिया है। यह योजना केरल मॉडल पर आधारित होगी और इसमें केंद्र सरकार का भी सहयोग रहेगा।
🏫 चार जिलों में खुलेंगे विशेष ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट: इस योजना के तहत नालंदा, सुपौल, मोतिहारी और बांका जिलों में अत्याधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर महिलाओं को पूरी तरह सुरक्षित और महिला-केंद्रित वातावरण में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जहाँ अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक सभी महिलाएं होंगी।
🚌 बस से ट्रक तक प्रोफेशनल ट्रेनिंग: महिलाओं को बस, ट्रक, टैक्सी, टेंपो, ऑटो और बाइक चलाने की प्रोफेशनल ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके साथ-साथ ट्रैफिक नियम, सड़क सुरक्षा, वाहन रखरखाव और आपात स्थिति प्रबंधन की भी विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
🛣️ ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक: प्रशिक्षण केंद्रों में ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक बनाए जाएंगे, जहाँ तकनीकी दक्षता के आधार पर महिलाओं का परीक्षण होगा। साथ ही GPS, डिजिटल सिस्टम और आधुनिक वाहन तकनीक की भी ट्रेनिंग दी जाएगी।
📄 लाइसेंस और प्रोफेशनल सर्टिफिकेट: प्रशिक्षण पूरा करने के बाद महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस और प्रोफेशनल सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा, जिससे वे सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में सम्मानजनक रोजगार प्राप्त कर सकेंगी।
📆 4 साल में 6,000 महिलाएं होंगी प्रशिक्षित: इस योजना के तहत हर साल लगभग 1,500 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस तरह 4 वर्षों में कुल 6,000 महिलाएं प्रोफेशनल ड्राइवर के रूप में तैयार होंगी।
💰 ₹68 करोड़ की लागत, रोजगार को मिलेगा बढ़ावा: इस पूरी योजना पर करीब ₹68 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इससे न सिर्फ महिलाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी भी मजबूत होगी, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में।
✨ आत्मनिर्भर बिहार की ओर मजबूत कदम: सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराया जाए। यह योजना बिहार की महिलाओं के लिए नई पहचान और नए अवसरों के द्वार खोलेगी।






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